2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 2 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 2 Q v v 0 0 0 v Q 0 0 0 0 0 0 0 v v 0 0 0 0 Q 0 0 2 1 1 1 0 0 8 1 1 1 1 0 0 0 0 8 1 1 1 1 0 0 1 1 1 2 0 0 0 0 0 8 0 0 0 0 0 0 0 0 8 0 0 0 0 0 0 0 0 2 2 0 0 0 0 0 8 0 0 0 0 0 0 0 0 8 0 0 0 0 0 0 0 0 2 2 0 0 0 0 0 8 0 0 0 0 0 0 0 0 8 0 0 0 0 0 0 0 0 2 2 v 0 0 0 Q 8 0 0 0 0 Q 0 Q 0 8 0 0 0 0 v 0 Q 0 2 2 1 1 8 1 1 1 0 0 0 1 1 8 1 1 1 0 0 0 1 1 1 1 8 2 2 0 0 8 0 0 0 0 0 0 0 0 8 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 8 2 2 0 0 8 0 0 0 0 0 0 0 0 8 0 0 0 0 0 0 0 0 0 0 8 2 2 0 0 8 0 0 0 0 Q 0 0 0 8 0 0 0 0 0 v v 0 0 0 8 2 2 0 0 8 0 0 1 8 1 1 0 0 8 0 0 0 1 8 1 1 0 0 0 8 2 2 0 0 8 0 0 0 8 0 0 0 0 8 0 0 0 0 8 0 0 0 0 0 8 2 2 0 0 8 0 Q 0 8 0 0 0 0 8 0 0 0 0 8 0 Q v 0 0 8 2 2 0 0 1 1 1 1 8 0 0 v v 8 0 Q 0 0 8 1 1 1 1 0 8 2 2 0 0 0 0 2 2 8 0 0 1 1 1 1 1 1 0 8 2 2 0 0 0 8 2 2 0 v 0 Q 2 2 8 0 0 2 2 2 2 2 2 0 8 2 2 Q Q 0 8 2 2 1 1 1 1 2 2 8 0 Q 2 2 2 2 2 2 0 8 2 2 1 1 1 1 2 2 2 2 2 2 2 2 1 1 1 2 2 2 2 2 2 1 1 2 2 2 2 2 2 2 